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मौलाना शमशुल हुदा के ठिकानों पर ED की रेड में कई पहचान पत्र और धार्मिक किताबें बरामद, धर्मांतरण के लिए उकसाने को लेकर भी हुए खुलासे

Reported By : Atul Bhatia Edited By : Vinay Trivedi Published : Feb 12, 2026 04:04 pm IST, Updated : Feb 12, 2026 04:05 pm IST

ब्रिटेन की नागरिकता के बावजूद भारत की सरकार से अवैध तरीके से वेतन लेने वाले मौलाना शमशुल हुदा पर ED ने शिकंजा कस दिया है। उसके ठिकानों से ED की रेड में कई पहचान पत्र और धार्मिक किताबें बरामद की गई हैं।

maulana shamshul huda- India TV Hindi
Image Source : REPORTERS INPUT मौलाना शमशुल हुदा को लेकर ED की रेड में बड़ा खुलासा हुआ है।

Shamshul Huda Azamgarh: ब्रिटेन की नागरिकता होने के बाद भी वेतन लेने वाले मौलाना शमशुल हुदा पर बड़े खुलासे हुए हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक, यूपी के आजमगढ़ में मौलाना शमशुल हुदा के पैतृक घर से उसके कई पहचान पत्र बरामद हुए हैं। मोबाइल स्कैनिंग से खुलासा हुआ है कि शमशुल को व्हाट्सऐप ग्रुप में ‘मौलाना दादा’ के नाम से जाना जाता था। उसके घर से कई धार्मिक किताबें भी बरामद की गई हैं। मदरसों के जरिए गरीब और अन्य समुदाय के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए भी शमशुल उकसाता था।

शमशुल हुदा ने कैसे किया गड़बड़झाला?

जान लें कि आजमगढ़ के मुबारकपुर में मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा के अस्थाई आवास पर ईडी ने छापेमारी की कार्रवाई की। संतकबीरनगर निवासी शमसुल हुदा खान 12 जुलाई 1984 को आजमगढ़ के मदरसा ‘दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम’ में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त हुए थे। साल 2007 में वह ब्रिटेन चले गए और साल 2013 में वहां की नागरिकता भी पा ली।

अवैध रूप से उठाई 16 लाख की सैलरी

आरोप है कि ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद भी उन्होंने भारत के मदरसे से 31 जुलाई 2017 तक वेतन लिया। विभागीय मिलीभगत के चलते उन्हें अनियमित चिकित्सा अवकाश भी स्वीकृत होता रहा। बताया जाता है कि करीब 16 लाख रुपये वेतन के रूप में अवैध रूप से पाए। साल 2017 में उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति भी दे दी गई।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

इस मामले में शासन ने पहले ही मदरसे की मान्यता रद्द कर दी थी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन पांडे, गाजियाबाद के डीएमओ साहित्य निकट सिंह, बरेली के लालमन और अमेठी के प्रभात कुमार को निलंबित किया जा चुका है। इन पर आजमगढ़ में तैनाती के दौरान लाभ पहुंचाने का आरोप है।

फिलहाल मुबारकपुर स्थित अस्थाई आवास पर सुबह से ईडी की छापेमारी जारी है, लेकिन अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बताने से बच रहे हैं।

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